फर्जी शस्त्र लाइसेंस का मामला..

फर्जी शस्त्र लाइसेंस का मामला..


असलहा बाबू के साथ जिले के बड़े अधिकारी भी सवालों के घेरे में


वर्तमान और पूर्व के असलहा बाबू की भी होगी जांच: आईजी


गोरखपुर।  शस्त्र लाइसेंस के खेल में असलहा बाबू भी अब पुलिस के रडार पर है । वर्तमान के साथ ही पूर्व के असलहा बाबू की भी जांच पुलिस करने वाली है।
यह जानकारी बातचीत के दौरान पुलिस महानिरीक्षक जय नारायण सिंह दी। उन्होंने बताया कि शस्त्र लाइसेंस के संबंध में असलहा बाबू से भी पूछताछ की जाएगी और पूर्व के असलहा बाबू के बारे में भी जानकारी की जाएगी। क्योंकि शस्त्र लाइसेंस के गोपनीय दस्तावेज असलहा बाबू के पास ही होते हैं ऐसे में उनकी संलिप्तता की भी जांच की जाएगी।
फर्जी लाइसेंस के आधार पर जो असलहा खरीदा गया है उसके बारे में आईजी ने बताया कि यूआईडी के आधार पर असलहा और कारतूस की खरीदारी होती है और यूआईडी की टेंपरिंग कर हेराफेरी  किया गया ।  
उन्होंने यह भी कहा कि असलहा बाबू के बिना मिलीभगत के कोई कार्य संभव नहीं है क्योंकि जिस रवि गन हाउस से असलहा खरीदा गया है वहां पर यूआईडी के नंबर भी दर्ज होते और उसी के आधार पर आर्म्स के दुकानदार  असलहा और कारतूस की बिक्री करते हैं। 
वहीं दूसरी ओर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार असलहा बाबू जिस आईडी पर काम करते हैं वह जिले के जिम्मेदार अधिकारी की है । ऐसे में जिले के बड़े अधिकारी भी अब इसकी जद में आ सकते हैं । देखना दिलचस्प होगा कि अवैध शस्त्र लाइसेंस के कारोबार में कौन-कौन शामिल है और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होती है ।
फिलहाल गोरखपुर जनपद में 5-5 आईपीएस अधिकारी की तैनाती के बाद भी पुलिस अभी तक मास्टरमाइंड तक नहीं पहुंच सकी है न ही सम्बन्धित दुकान का ताला खोलकर दस्तावेज़ खंगालने की जहमत की गई। 


प्रॉपर्टी डीलर सौरभ पांडे की गिरफ्तारी को लेकर चल रहा हाई वोल्टेज ड्रामा


वहीं प्रॉपर्टी डीलर सौरभ पांडे को पुलिस ने उसके घर से उठाया है यह आरोप उसके घर वाले लगा रहे हैं। जिसका वीडियो भी सौरभ पांडे के परिवार वालों के पास मौजूद हैं लेकिन पुलिस लगातार उसकी गिरफ्तारी से इंकार कर रही है। परिवार के लोगों ने सौरभ पांडे के गिरफ्तारी के बारे में कोर्ट के माध्यम से जानकारी प्राप्त करनी चाही तो कैंट थाना प्रभारी ने कोर्ट को लिखित जवाब दिया कि उसके ससुराल वालों ने उसे छुड़ा कर फरार कर दिया है।